प्रश्न : 50 से 686 तक की सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
सही उत्तर 368
हल एवं ब्याख्या
हल
विधि (1) 50 से 686 तक सम संख्याओं के औसत ज्ञात करने की लघु विधि
लगातार सम संख्याओं के औसत निकालने का शॉर्टकट ट्रिक
चूँकि दो लगातार सम संख्याओं का अंतर समान होता है, अत: लगातार सम संख्याएँ समांतर श्रेणी में होती हैं।
समांतर श्रेणी में निहित संख्याओं का औसत
= प्रथम पद (a) + अंतिम पद (ℓ)/2
अत: इस सूत्र का उपयोग कर लगातार सम संख्याओं का औसत ज्ञात किया जा सकता है।
प्रश्न में दिये गये 50 से 686 तक की सम संख्याएँ निम्नांकित हैं
50, 52, 54, . . . . 686
50 से 686 तक सम संखाओं की सूची के पर्यवेक्षण से पता लगता है कि दो लगातार सम संख्याओं का अंतर बराबर है। इसका अर्थ है कि सम संख्याओं की लगातार सूची समांतर श्रेणी में होती हैं।
इस 50 से 686 तक सम संख्याओं की सूची जो समांतर श्रेणी में हैं, में
प्रथम पद (a) = 50
सार्व अंतर (d) = 2
तथा अंतिम पद (ℓ) = 686
चूँकि समांतर श्रेणी में निहित संख्याओं का औसत = a + ℓ/2
अत: 50 से 686 तक सम संख्याओं का औसत
= 50 + 686/2
= 736/2 = 368
अत: 50 से 686 तक सम संख्याओं का औसत = 368 उत्तर
विधि (2) 50 से 686 तक दी गयी सम संख्याओं का योग निकालकर औसत निकालना
दिये गये लगातार सम संख्याओं का योग निकालकर उनके औसत की गणना
50 से 686 तक की सम संख्या निम्नांकित सूची बनाती हैं
50, 52, 54, . . . . 686
अर्थात 50 से 686 तक की सम संख्याओं की सूची एक समांतर श्रेणी बनाती हैं जिसमें
प्रथम पद (a) = 50
दो लगातार पदों का अंतर अर्थात सार्व अंतर (d) = 2
तथा अंतिम पद (ℓ) = 686
दी गयी संख्याओं का औसत
= संख्याओं का योग/संख्याओं की कुल संख्या
अर्थात दी गयी संख्याओं का औसत निकालने के लिए सर्वप्रथम उनका योग ज्ञात करना होता है तथा संख्याओं की कुल संख्या ज्ञात कर उससे संख्याओं के योग में भाग देना होता है।
दी गयी संख्याओं में कुल पदों अर्थात संख्याओं की संख्या की गणना
समांतर श्रेणी में n वां पद
an = a + (n – 1) d
जहाँ
a = प्रथम पद
d = सार्व अंतर
n = पदों की कुल संख्या
तथा an = n वां पद
अत: दिये गये 50 से 686 तक के संख्याओं की सूची जो समांतर श्रेणी में हैं के लिए
686 = 50 + (n – 1) × 2
⇒ 686 = 50 + 2 n – 2
⇒ 686 = 50 – 2 + 2 n
⇒ 686 = 48 + 2 n
अब 48 को बायें पक्ष (LHS) में पक्षांतरित करने पर
⇒ 686 – 48 = 2 n
⇒ 638 = 2 n
उपरोक्त व्यंजक को पुनर्व्यवस्थित करने पर
⇒ 2 n = 638
अब 2 को दायें पक्ष (RHS) में पक्षांतरित करने पर
⇒ n = 638/2
⇒ n = 319
अत: 50 से 686 तक सम संख्याओं में कुल पदों अर्थात संख्याओं की संख्या = 319
इसका अर्थ है 686 इस सूची में 319 वां पद है। अर्थात इस सूची में संख्याओं की कुल संख्या 319 है।
दी गयी 50 से 686 तक सम संख्याओं के योग की गणना
समांतर श्रेणी में सभी पदों का योग (S)
= n/2 (a + ℓ)
जहाँ, n = पदों की संख्या
a = प्रथम पद
तथा , ℓ = अंतिम पद
अत: 50 से 686 तक की सम संख्याओं में सभी पदों का योग
= 319/2 (50 + 686)
= 319/2 × 736
= 319 × 736/2
= 234784/2 = 117392
अत: 50 से 686 तक की सम संख्याओं का योग = 117392
तथा संख्याओं की कुल संख्या = 319
चूँकि दी गयी संख्याओं का औसत
= दी गयी संख्याओं का योग/संख्याओं की कुल संख्या
अत: 50 से 686 तक सम संख्याओं का औसत
= 117392/319 = 368
अत: 50 से 686 तक सम संख्याओं का औसत = 368 उत्तर
Similar Questions
(1) प्रथम 3391 सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(2) 4 से 990 तक की सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(3) प्रथम 4168 सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(4) प्रथम 2915 सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(5) प्रथम 4465 विषम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(6) प्रथम 2778 सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(7) 8 से 642 तक की सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(8) 6 से 210 तक की सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(9) 6 से 200 तक की सम संख्याओं का औसत कितना होगा?
(10) प्रथम 4775 सम संख्याओं का औसत कितना होगा?