वृष लग्न का फलादेश
वृष लग्न में जन्म लेने वाले जातक गंभीर प्रकृति के परंतु हमेशा मुस्कराते रहने वाले होते हैं। इन्हें अधिक बोलना या लम्बी-लम्बी फेंकने की आदत नहीं होती है। इन्हें समझ पाना लोगों के लिए काफी मुश्किल होता है। ये कूटनीतिक स्वभाव वाले होते हैं। ये इमानदार होते हैं। इन्हें घुमा-फिरा कर बात करने की आदत नहीं होती है, बल्कि ये स्पष्टवादी होते हैं। कोई भी व्यक्ति इनकी राय पर बिना किसी संशय के विश्वास कर सकता है। ये पूर्व तथा अडिग निर्णय के ही साथ किसी कार्य का आकलन करते हैं, तथा अद्भुत जोश के साथ आगे बढ़ते हैं। ये स्वभाव से काफी दृढ़ निश्चयी तथा जिद्द के पक्के होते हैं। इनका यह दृढ़ निश्चय लग्न या लग्न के स्वामी के अशुभ ग्रहों से युति या दृष्ट होने के कारण काफी खतरनाक भी हो सकता है, विशेषकर किसी से दुश्मनी की स्थिति में।
वृष लग्न मेंं जन्म लेने वाले व्यक्ति की शारीरिक बनावट
वृष लग्न में जन्म लेने वाले व्यक्ति प्राय: मझोले कद के, थोड़ा मोटापा लिये हुये शरीर वाले, चौड़ी ललाट, मोटी गर्दन, चमकीले आँख, काले केश, गेहूँआ या गोरे रंग, चौड़े तथा मजबूत कंधे, तथा सुगठित शरीर वाले होते हैं। इनका शरीर काफी गठीला होता है।
वृष लग्न में जन्म लेने वाले जातक के सामान्य गुण
वृष लग्न के एक अचर तथा पृथ्वी तत्व वाला होने के कारण वृष लग्न में जन्म लेने वाले जातक को कोई बातों से उकसा नहीं सकता है। वे काफी गंभीर एवं सहनशील होते हैं। इनके सहनशीलता की तुलना पृथ्वी से की जा सकती है, जो गंभीरता से फसलों में फल आने तथा उसके पकने की प्रतीक्षा करता है। लेकिन जब वृष लग्न वाले व्यक्ति को गुस्सा आ जाता है, तो उनका गुस्सा भू-कम्प की तरह ही होता है, उस स्थिति में वे काफी खतरनाक भी साबित हो सकते हैं।
वृष लग्न में जन्म लेने वाले जातक काफी धीरे परंतु काफी धीरज तथा स्थिरता के साथ कार्य करते हैं। वे किसी भी कार्य को करने से पहले पूरी तरह उसकी एक अच्छी योजना बनाते हैं, और पूरी तरह आश्वत हो जाने के बाद ही उसे क्रियान्वित करते हैं। ये रूढ़िवादी ख्यालों के होते हैं। ये बेकार में कभी भी अपनी उर्जा नष्ट नहीं करना चाहते हैं।
वृष लग्न के अचर तथा पृथ्वी प्रकृति होने के कारण ये कट्टरवादी तथा काफी दृढ़संकल्प वाले होते हैं। इनका प्रत्येक कार्य पूर्ण रूप से सोची समझी रणनीति के अनुसार ही होता है। इन्हें जबतक यह निश्चय नहीं हो जाता है कि कोई कार्य इनके हित में तथा लाभदायक है, तबतक ये उस कार्य को करना नहीं चाहते हैं।
लेकिन यदि लग्न या लग्न का स्वामी अशुभ ग्रहों से युत या दृष्ट हो, तो ये आलसी हो जाते हैं जो इन्हें आगे बढ़ने तथा सफल होने में काफी अड़चन उत्पन्न करता है तथा इन्हें इससे काफी हानि होने की संभावना होती है। ऐसी स्थिति होने पर इन्हें एक अच्छे ज्योतिष से सलाह लेकर उसका निवारण करना चाहिए।
वृष लग्न वाले व्यक्ति खाने पीने के काफी शौकीन होते हैं, विशेषकर मीठा इन्हें अत्यधिक पसंद होता है, कई बार वे बहुत अधिक खाने लगते हैं, और अत्यधिक खाने से इन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अत: खाने-पीने को लेकर इन्हें विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है।
वृष लग्न वाले जातक अपने रूपये पैसे तथा धन का विशेष ध्यान रखते हैं बल्कि यह कहा जाना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि ये धन-दौलत के पुजारी होते हैं तथा वे सारी वस्तुओं की इच्छा रखते हैं जिन्हें धन से खरीदा जा सकता हो।
वृष लग्न वाले जातक की इच्छा शक्ति काफी दृढ़ होती है। ये सभी सांसारिक वस्तुओं का उपभोग करना चाहते हैं तथा काफी हद तक उपभोग भी करते हैं। इन्हें आसानी तथा आराम काफी पसंद होता है।
वृष लग्न का स्वामी शुक्र होता है जो कि वैभव का प्रतीक है। यदि इनकी जन्म-पत्री में लग्न का स्वामी शुक्र अच्छी स्थिति में हो, तो ये राजा या राजा तुल्य होते हैं। ये जीवन में ऐशो-आराम तथा वैभव से संबंधित प्रत्येक वस्तुएँ प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं।
ये अपना रास्ता खुद बनाने की क्षमता रखते हैं। इनका ज्ञानी होते हैं तथा लोगों में इनकी प्रतिष्ठा होती है। इनके पास भविष्य में आने वाली परेशानियों को पहले ही समझ जाने की क्षमता होती है। ये दूसरों की सलाह पर चलना पसंद नहीं करते हैं बल्कि अपने ही विचार पर कायम रहते हैं। ये एक बार जो ठान लेते हैं उसे पूरा करने के लिए प्रत्येक संभव कोशिश करते हैं तथा अधिकांश बार पूरा कर लेते हैं चाहे दूसरे कितना भी विरोध करे। इन्हें इनके विचार से कोई डिगा नहीं सकता है।
किसी भी आपत्ति में घबराये बिना ये बड़े स्थिर रहते हैं, हाँ इन्हें थोड़े तेजी से कार्य को अंजाम देने की आवश्यकता है।
चूँकि शुक्र ग्रह वृष लग्न का स्वामी होता है तथा शुक्र गीत-संगीत एवं कला का प्रतीक है अत: वृष लग्न वाले जातक की रूचि कला में अत्यधिक होती है।
वृष लग्न वाले जातक का स्वास्थ्य
वृष लग्न में जन्म लेने वाले जातक का स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है। इनकी प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत होती है इसलिए ये बहुत कम ही बीमार होते हैं। ये अपने पास संसाधनों की अधिकता के कारण बीमार हो सकते हैं न कि किसी आभाव के कारण। परंतु यदि ये बीमार हो जायें तो जल्दी ठीक नहीं होते हैं, नहीं ठीक होने में भी इनका आलस्य कई बार मुख्य कारण होता है, जैसे डॉक्टर से समय पर सलाह न लेना, दवा समय पर न लेना आदि।
वृष लग्न में जन्म लेने वाले जातक को प्राय: गले तथा मुँह के रोग, पेट के रोग से खता होता है। यह उम्र बढ़ने के साथा अधिक परेशान कर सकता है, अत: इन्हे इस तरह की परेशानियों बीमारियों से हमेशा सावधान रहने की आवश्यकता है।
वृष लग्न वाले जातक का वित्त
वृष लग्न वाले जातक का दृढ़ धैर्य तथा उसपर लम्बे समय तक कायम रहना अंततोगत्वा इन्हें वित्तीय रूप से काफी सुदृढ़ बना देता है। ये काफी धन-दौलत बनाने तथा उसे जमा करने में सक्षम होते हैं। ये कम धन रहने की स्थिति में काफी मितव्ययी होते हैं तथा धन-दौलत की अधिकता में भी धन का कुछ ही भाग आवश्यकता के अनुसार ही खर्च करते हैं। धन की अधिकता होने पर उसे भविष्य के लिए बचाने के बाद ही अपने ऐशो-आराम पर खर्च करते हैं। ये कई बार शेयर बाजार तथा सट्टा भी लगाते हैं तथा उसमें अच्छा लाभ भी अर्जित करते हैं इसमे प्राय: इनका भाग्य इन्हें साथ देता है, विशेषकर बुध की महादशा, अंतरदशा, प्रत्यंतदशा अर्थात उस समय जब इनके बुध का समय चल रहा होता है। काफी धन अर्जित करने की स्थिति में भी ये उसके उत्साह को चेहरे पर प्रकट होने नहीं देते हैं।
शनि ग्रह प्राय: काफी अशुभ फल देता है, परंतु वृष लग्न वाले जातक के लिए शनि ग्रह काफी शुभ होता है। यदि जन्म-पत्री में शनि ग्रह की स्थिति अच्छी होती है तो ये राजा या राजा तुल्य होते हैं। राजनीति के क्षेत्र में भी ये मान-सम्मान तथा शोहरत पा सकते हैं।
वृष लग्न वाले जातक का व्यवसाय तथा वृत्ति
वृष लग्न वाले जातक को ऐशो-आराम काफी पसंद होता है अत: वे सबसे अच्छे वेतन वाले नौकरी पर जाना पसंद करते हैं। नौकरी में बैंक, वित्तीय संस्थान, शेयर मार्केट, कम्पनी के चेयरमैन, राजा के सलाहकार, सेल्स टैक्स, आदि का पद इनके लिए अनुकूल होता है।
इनके लिए विलासिता तथा सौंदर्य प्रसाधन संबंधी सामग्रियों का व्यवसाय उत्तम होता है। इसके अतिरिक्त खेती तथा खेती से संबंधित व्यवसाय भी इनके लिए अनुकूल होता है। इनके लिए सिनेमा में भी गीत-संगीत-कला आदि का काम या व्यवसाय करना अनुकूल होता है। यतायात से संबंधित व्यवसाय, यथा ट्रांसपोर्ट कम्पनी, पेट्रोल पम्प आदि भी इनके लिए लाभदायक होगा।
वृष लग्न वाले जातक का प्रेम संबंध एवं विवाह
वृष लग्न में जन्म लेने वाले जातक किसी जल्दबाजी में अपने जीवन साथी बनाने में में कोई निर्णय नहीं लेते हैं, बल्कि अपनी आदत के अनुरूप अपने जीवन साथी के चुनाव में भी अत्यधिक सोच विचार कर निर्णय लेते हैं। वृष लग्न में जन्म लेने वाले को प्रेम संबंध को अंत तक निभाते हैं। ये अपने परिवार को अत्यधिक प्यार करते हैं, उनका हरेक प्रकार से ख्याल रखते हैं। ये कभी लड़ाई झगड़ा और घृणा पसंद नहीं करते हैं।
वृष लग्न वालों के लिए कर्क लग्न या राशि, कन्या लग्न या राशि, बृश्चिक लग्न या राशि, मकर लग्न या राशि, तथा मीन लग्न या राशि वाले जीवन साथी अच्छे होते है।
वृष लग्न वालों में तालाक लगभग नहीं के बराबर होता है। परेशानी के बाबजूद भी वे अपने परिवार को किसी भी प्रकार का कष्ट सहते हुए देख नहीं सकते। वे हर स्थिति में अपने परिवार को प्यार करते हैं, उनपर विश्वास करते हैं, तथा उन्हें सुरक्षा देते हैं।
वृष लग्न वाले जातक के लिए शुभ दिन
वृष लग्न वाले जातक के लिए लगभग प्रत्येक दिन ही शुभ है, जिसमें शुक्रवार सबसे अधिक शुभ है।
वृष लग्न वाले जातक के लिए शुभ अंक
वृष लग्न वाले जातक के लिए 6, 5, और 8 शुभ अंक हैं।
वृष लग्न के लिए शुभ रंग
वृष लग्न वाले जातक के लिए गुलाबी, हरा तथा श्वेत रंग शुभ हैं।