राग भूपाली: स्वरलिपि: जब से तुम संग लागी पीत



राग भूपाली: संक्षिप्त परिचय

थाट कल्याण म नी वर्जित, मानत ग स्वर वादी। प्रथम प्रहर निशि गाइए, धैवत स्वर सम्वादी॥

राग भूपाली का आरोह: सा रे ग, प , ध सां

राग भूपाली का अवरोह: सां ध प, ग, रे सा।

राग भूपाली का पकड़: ग रे सा ध ̣, सा रे ग, प ग, ध प ग, रे सा।

राग भूपाली की जाति: औडव-औडव

राग भूपाली की उत्पत्ति : कल्याण थाट

राग भूपाली में वर्जित स्वर : मध्यम (म) तथा निषाद (नी)

राग भूपाली का वादी स्वर : गंधार (ग)

राग भूपाली का सम्वादी स्वर : धैवत (ध)

राग भूपाली के गाने का समय : रात्रि का प्रथम प्रहर

राग भूपाली बंदिश (छोटा ख्याल) स्वरलिपि

जब से तुम संग लागी पीत नवेली प्यारे बलमा मोरी।

जो नैनन ना देखों तोहे कल ना परत मोहे, चर्चा करें रे सब से लरियाँ॥

राग भूपाली की यह बंदिश (जब से तुम संग लागी पीत . . . . ) की स्वरलिपि तीन ताल 16 मात्रा मध्य लय में दी गयी है।

तीन ताल : 16 मात्रा

धा धिं धिं ‌धा
X 2 3 4
धा धिं धिं धा
5 6 7 8
ता तिं तिं ता
0 10 11 12
ता धिं धिं धा
13 14 15 16

राग भूपाली बंदिश "जब से तुम संग लागी पीत" स्वरलिपि तीन ताल (16) मात्रा: मध्य लय

स्थायी: राग भूपाली बंदिश स्वरलिपि: जब से तुम संग लागी पीत

ग रे ग रे
ज ब से S
0 10 11 12
सा रे सा ध ̣
तु म सं ग
13 14 15 16
* सा – रे
* ला S गी
X 2 3 4
ग – – –
S S S S
5 6 7 8

स्थायी: राग भूपाली बंदिश स्वरलिपि: जब से तुम संग लागी पीत: दूसरी पंक्ति

ग – प प
पी S त न
0 10 11 12
गप पध प ग
वे S ली S
13 14 15 16
ग प सांध सां
प्या रे ब ल
X 2 3 4
पध सां धप गरे
माS S मोS रीS
5 6 7 8

अंतरा: राग भूपाली बंदिश: जब से तुम संग लागी पीत: स्वरलिपि

* * * *
* * * *
0 10 11 12
* * * *
* * * *
13 14 15 16
पग – पग –
जो S नै S
X 2 3 4
प प धसां ध
न न ना S
5 6 7 8

अंतरा: राग भूपाली बंदिश स्वरलिपि: जब से तुम संग लागी पीत: दूसरी पंक्ति

सां – सां –
दे S खौं S
0 10 11 12
सां रें सां –
तो S हे S
13 14 15 16
सां रें गं रें
क ल ना प
X 2 3 4
सां रें सां पध
र त मो हे
5 6 7 8

अंतरा: राग भूपाली बंदिश:जब से तुम संग लागी पीत: स्वरलिपि तीसरी पंक्ति

सा– ध – प
चर्चा S क रें
0 10 11 12
प ग रे प ग प
रे S स ब
13 14 15 16
सांध सां पध सां
से S SS S
X 2 3 4
ध प रे रे
ल रि यां S
5 6 7 8